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Science Coaching Institute

Address(पता):
bata more, tekari road, above chotelal tilkut bhandhar,gaya
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About Institution::संस्थान के बारे में:

वैशाली
वैशाली आज केले और आम के पेड़ों के साथ ही चावल के खेतों से घिरा हुआ एक छोटा सा गाव है, लेकिन क्षेत्र मे खुदाई एक प्रभावशाली एतिहासिक अतीत प्रकाश मे लाया है | महाकाव्य रामायण यहाँ शाशण करने वेल वीर राजा विशाल की कहानी कहता है |इतिहासकारों के अनुसार प्रतिनिधियों की एक निर्वाचित विधानसभा के साथ दुनियाँ के पहले लोकतांत्रिक गणराज्यों मे से एक वज्जी और लीच्छवी 6ठा शताब्दी ई० पू० मे यहाँ स्थापित हुआ | पाटलिपुत्र ने मौर्या और गुप्तों की राजधानी के रूप मे गंगा के मैदान के उपर राजनीतिक अधिपत्य बनाए रखा| वहीं वैशाली व्यापार और उद्धोग के लिए केंद्र था |
भगवान बुद्ध ने अक्सर वैशाली का दौरा किया और कोल्हुआ पर जोआ पास मे है मे नुका अंतिम नूदेश हुआ | इसकी याद मे तीसरी सदी ई० पू० मे सम्राट अशोक ने प्रसिद्ध शेर स्तंभों मे से एक बनवाया | महापरिनिर्वाण के एक सौ साल बाद, वैशाली ने दूसरी महान बौद्ध परिषद की मेजबानी की |

Subjects(विषय):

Physics, Mathematics

About Fees:फीस संबंधी जानकारी:

500-2000 per month

Admission Process:एड्मिसन प्रणाली:

ैशाली संग्रहालय में यहाँ खोजे गये पुरातात्विक अवशेष रखे गये हैं | इस संग्रहालय के सामने अभिषेक पुष्करणी है जो लीच्छवियों के लिए पवित्र थी| इसके एक तरफ नवनिर्मित विश्व शांति स्तूप है जो भारत में एसे निर्माणों की श्रंखला में छठा है| संग्रहालय के निकट छायांकित स्तूप है जिसके बारे में मान्यता है कि इसमें बुध की राख युक्त मंजूषा अवशेष रखे गये हैं|
पुरातत्वविदों ने वैशाली के अतीत की अच्छी खोज की है | यह एक विशाल टीले से शुरू होता है जो राजा विशाल का गढ़ कहलाता है प्राचीन संसद से जोड़ा जाता है | भवन पोखर मंदिर में गुप्त और पालकालीन काले बेसाल्ट पत्थरों से बने छवियों का स्मिर्ध संग्रह है| काले बेसाल्ट पत्थर से बनी एक सीवलिंग (चौमुखी महादेव) की खोज हुई जब जलाशय की खुदाई हो रही थी | भवन पोखर मंदिर के पीछे एक जैन मंदिर है जो तीर्थकर की मूर्ति के लिए मशहूर है| इन मंदिरों से थोड़ी दूरी पर लोटस तलब है जो लीच्छवियों के लिए पिकनिक स्थल था |
इसके उतर में मोतिहारी से 31 कि0मी0 दूर, लौरिया अरेराज में एक अशोक स्तंभ जिसमें छः लेख है | स्तंभ शीर्ष से रहित है | एक अन्य अशोक स्तंभ जिसपर शेर की मूर्ति बनी है बनी है नंदनगढ़ में है जो बेतिया से 23 कि0 मी0 की दूरी पर है

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Institution Members(सदस्यगण)
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Ranjan Agrawal
Teacher


Phone 1: 9973159269
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Alok Kumar
Director


Phone 1: 07091099301

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